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Unlawful assembly

 नमस्ते दोस्तो आज हम जानगे विधिविरुद्ध जमाव या UNLAWFUL ASSEMBLY के बारे में इसके बारे में विस्तृत जानकारी हमे भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1860 की धारा 141 से लेकर धारा 145 तक मे बताया गया है किंतु हम यहाँ केवल धारा 141 विधिविरुद्ध जमाव क्या होता है, धारा 142 विधिविरुद्ध जमाव के सदस्य कोन होंगे और धारा 143 विधिविरुद्ध जमाव के दण्ड के बारे में जानेंगे।।

धारा 141 विधिविरुद्ध जमाव :- पांच या अधिक व्ययक्तियो का जमाव तब 




विधिविरुद्ध जमाव कहा जायेगा जब उनमे से हर एक का सामान्य उद्देश्य निम्न में से कोई हो:-

A. केंद्रीय या राज्य सरकार या संसद या राज्य के विधान मंडल या किसी लोक सेवक को जब वह लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग कर रहा हो, में से किसी को आपराधिक बल या आपराधिक बल के प्रदर्शन से आतंकित करते है।

B. किसी विधि के या वेध आदेशिका के निष्पादन का प्रतिरोध करना।

C. किसी रिष्टि या आपराधिक अतिचार या अन्य अपराध करना ।

D. किसी व्यक्ति पर आपराधिक बल का प्रयोग करना या उसका प्रदर्शन द्वारा कब्जा लेना, अभिप्राप्त करना , या किसी व्यक्ति को किसी रास्ते के अधिकार के उपयोग, या जल के उपयोग या अन्य अमूर्त अधिकार से जिसका वह कब्जा रखता हो, या उपभोग करता हो,वंचित करना या किसी अधिकार को प्रवर्तित करना ।

E. किसी व्यक्ति को आपराधिक बल या आपराधिक बल के प्रदर्शन से ऐसा काम करने को विवश करना जिस कार्य को करने का उस व्यक्ति को अधिकार नही हो ।

         स्पष्टीकरण:- कोई जमाव इक्कठा विधिविरुद्ध नही था, बाद में विधिविरुद्ध हो सकता है ।

धारा 142 विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य होना:- जो कोई ऐसा जानते हुए की यह जमाव विधिविरुद्ध जमाव में साशय सम्मिलित होता है या उस जमाव में बना रहता है वह विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य माना जायेगा।

धारा 143 विधिविरुद्ध जमाव का दण्ड:- जो विधि विरुद्ध जमाव का सदस्य होगा वह दोनों में से किसी भी भांति के कारावास से जिसकी अवधि 6माह तक कि हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा ।

उक्त अपराध को किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय होगा।



         तो दोस्तो आज हमने जाना विधिविरुद्ध जमाव क्या है जल्द ही हम बलवा पर भी चर्चा करेंगे ।























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