नमस्ते दोस्तों,
आज हम बात करेंगे सुपुर्दगीनामे पर इसके विस्तार से धारा 451 , और धारा 457 दण्ड प्रक्रिया संहिता में दिया गया है एक चलन पेश होने के बाद और एक चलन पेश होने के पहले पेश किया जाता है, यह दोनों आवेदन ही लगभग निचली अदालत में लगाए जाते है।
जब भी किसी व्यक्ति की कोई चीज चोरी होती है या किसी गाड़ी का एक्सीडेंट होता है तो चोरी गयी चीज या वो गाड़ी न्यायलय से सुपुर्दगीनामे पर प्राप्त होती है जिसका आवेदन कुछ इस तरह बनाया जाता है।
न्यायलय श्रीमान मुख्य न्यायिक दंदाघिकारी महोदय , इटारसी जिला होशंगाबाद
अपराध क्रमांक
धारा 297,337,338,304(a) भा.द.वि.
प्रस्तुत दिनांक
शाशन द्वारा पुलिस थाना केसला अभियोगी
बनाम
रमेश दीवान आत्मज गोपाल प्रसाद उम्र 40
निवासी :- पुराणी इटारसी सुपुर्ददार
आवेदन पत्र 457 दण्ड प्रक्रिया संहिता
सेवा में आवेदक की और से निवेदन है की :-
1. यह की आवेदक के हक़ स्वामित्व व आधिपत्य का एक वहान क्रमांक MP05MB0437 को पुलिस द्वारा उक्त प्रकरण में एवं उक्त अपराध क्रमांक किया है।
2. यह की आवेदक उक्त वहां सवारी ऑटो का मालिक एवं स्वामी है तथा अपनी सुपुर्दगी पर प्राप्त करना चाहता है तथा प्राप्त करने के पश्चात् वहां को कही भी विक्रय, दान , हिबा, बंधक, हस्तांतरण नहीं करेगा। जब भी न्यायलय आदेशित करेगा तो वह स्वयं के व्यय पर न्यायालय में उपस्थित रहेगा।
3. यह की आवेदक माननीय न्यायालय की समस्त सरतो एवं आदेशों का पालन ततपर है।
प्रार्थना
अतः माननीय न्यायलय से निवेदन है की आवेदक के वहां क्रमांक MP05MB0437 को आवेदक सुपुर्दगीनामे पर प्रदान किए जाने के आदेश न्यायहित में जाने के आदेश पारित किए जाने की कृपा करे। जो नयायाहित होगा।
दिनांक सुपुर्ददार
स्थान इटारसी
द्वारा
अभिभाषक
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