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नमस्ते दोस्तों,
                    जैसा  कि मेने पिछली पोस्ट में कहा था की हम अगली पोस्ट में जमानत याचिका  चर्चा करेंगे।  तो दोस्तों में  आपसे जमानत याचिका के  बारे में चर्चा  करने के लिए।  
                    जैसा कि  हम सभी जानते ही है कि जमानत कई तरह की होती है:- 1. धारा 436 द. प्र. स., 2. धारा 437  द. प्र. स., 3. धारा 439  द. प्र. स., 4. धारा 70(2) सहपठित धारा 436  द. प्र. स.,5 धारा 483 द.प्र.स. दोस्तों  याद करने का सबसे आसान तरीका  कि :- 1. जब कोई व्यक्ति खुद आये और कहे जमानत करवाना है तो  धारा 436 द. प्र. स. निम्नन्यायलय में 2. जब व्यक्ति को पुलिस पकड़ कर लाये और उसकी जमानत करवानी है तो धारा 437  द. प्र. स. निम्नन्यायलय में 3. जब धारा 437  द.प्र.स. का आवेदन निम्न न्यायालय निरस्त कर दे तब  धारा 439  द. प्र. स. का आवेदन सत्र न्यायलय में लगेगा 4. जब किसी का प्रकरण निम्न न्यायलय में चल रहा हो और उसका गिरफ़्तारी वारंट निकला हो तब धारा 70(2) सहपठित धारा 436  द. प्र. स. और 5. जब व्यक्ति आये और कहे की अग्रिम जमानत करवाना है तब  धारा 483 द.प्र.स. का आवेदन पत्र सत्र न्यायलय में लगाना होगा एवं दोस्तों ये ध्यान रखे की सत्र न्यायलय में जो भी आवेदन पत्र लगेंगे उनके समर्थन में शपथ पत्र भी देना होगा । 





न्यायलय श्रीमान न्यायिक दंडाधिकारी महोदय इटारसी जिला होशंगाबाद 
                                                                        प्रकरण क्रमांक 
                                                                        प्रस्तुत दिनांक     
शाशन द्वारा पुलिस थाना इटारसी                            अभियोगी 
                                        बनाम 
मनोज पटेल आत्मज नरेंद्र पटेल उम्र 34 वर्ष
निवासी:- न्यू यार्ड इटारसी                                        अभियुक्त 
आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 436 दण्ड प्रक्रिया संहिता 
सेवा में अभियुक्त की और से निवेदन है की :-
1. यह कि उक्त प्रकरण में पुलिस थाना इटारसी द्वारा आज दिनांक को माननीय न्यायलय के समछ अभियोग पत्र प्रस्तुत  किया है। 
2. यह कि  अभियुक्त को उक्त प्रकरण में झूठा फसाया गया है उसने ऐसा कोई कृत्य  नहीं किया है। 
3. यह कि अभियुक्त के विरुद्ध पंजीबद्ध  अपराध जमानतीय प्रवृत्ति का होकर माननीय न्यायलय द्वारा विचारणीय है। 
4. यह कि अभियुक्त का उक्त प्रकरण अभी प्रारंभिक अवस्था में है जिसके विधिवत निराकरण में समय लगने की संभावना है। 
5. यह कि उक्त प्रकरण मृत्यु दण्ड या आजीवन कारावास से दण्डित ना होकर माननीय न्यायलय द्वारा विचारणीय है। 
6. यह कि अभियुक्त उपरोक्त वर्णित पते पर स्थायी रूप से निवास करता है उसके भागने अथवा फरार होने की कोई सम्भावना नहीं है। 
7. यह कि उक्त प्रकरण का अभियुक्त माननीय न्यायलय द्वारा आदेशित समस्त आदेशों एवं शर्तो का पालन करने को तत्पर है। 
                                                                प्रार्थना 
                    अतः माननीय न्यायलय से निवेदन है कि उक्त प्रकरण के अभियुक्त को उचित प्रतिभूति जमानत पर रिहा किये जाने के आदेश न्यायहित में जारी करने की कृपा करे जो की न्यायहित  होगा। 



दिनांक                                                                                            अभियुक्त 



                                                                                 द्वारा 

                                                                                                      अभिभाषक        


                                                                                                                  











 









                                                                        

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