वो जो खुदकशी करना चाहता हैं,
उसने जी के भी तो देखा होगा ।
जनाब जॉन एलिया की इन पंक्तियों के साथ आज का ब्लॉग लिख रहा हूँ।
शायद भाई जॉन ने कहीं ना कहीं हम जैसे चंद वकीलों से राफ्ता किया होगा। ऐसा दर्द किसी असार में तभी आ सकता हैं जब किसी ने मोहब्बत को काफी नजदीक से देखा हो,
हमारे देश में मैं समझता हूँ कि दो तरह के लोग है जिन्होंने मोहब्बत को काफी नजदीक से देखा है एक देश के शायर ओर दूसरे देश के वकील। हालांकि वकीलों को पक्षकारों की बातों को गोपनीय रखना होता है बस इसीलिए एक वकील को कभी शायर नहीं होना चाहिए।
नियम कानून हमे सुरक्षित रखने के लिए होते है मगर जैसा कि में आजकल कोर्ट में देख रहा हूँ कि महिलाएं नियमों का गलत उपयोग करने लगी है जिस कारण मुझे कई चिंताओं ने घेर रखा हैं।
हाल ही में कई ऐसे किस्से सामने आए है जो चिंता करने को मजबूर करते है ऐसा नहीं है कि पति पत्नी लड़ते नहीं ये बहुत आम बात है सच कहूं तो मेरे घर में भी ऐसा ही होता है आज भी जब में ये लिख रहा हूँ युद्ध आज भी जारी हैं।
खेर में थोड़ा इधर उधर हो गया मगर सच यही है कि आज के समय में लड़कियां काफी गलत कर रही है लेकिन देखा जाए तो इसमें भी गलतियां देश के पुरुष वर्ग की ही हैं।।।
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